गुरुवार, 23 जून 2016

मिल जाएगा हम को भी कोई न कोई टुट के चाहने वाला, 
अब सारा का सारा शहर तो बेवफा नहीं हो सकता

गुरुवार, 10 दिसंबर 2015

खुदा तु भी कारीगर निकला.. खीच दी दो-तीन लकीरें हाथों में.. ये भोला आदमी उसे, तकदीर समझ बैठा..!!
चेहरे की हंसी से ग़म को भुला दो, कम बोलो पर सब कुछ बता दो.
 खुद ना रुठों पर सब को हँसा दो, यही राज है ज़िंदगी का, कि जियो और जीना सिखा दो,

मंगलवार, 8 दिसंबर 2015

मिठास ,,,
मुँह मैं घुले तो.. स्वाद,,,
दिल मैं घुले तो.. प्यार,,,
मौसम मैं घुले तो.. बहार,,,
रिश्तों मैं घुले तो जिन्दगी ,,,स्वर्ग ,,,बन जाती है

रविवार, 9 अगस्त 2015

JO SAFAR KI SHURUAT KRATE HE,
BO HI MANGIL KO PAR KAARATE HE.
BAS EK BAR SATH CHALENE KA HOSLA TO RAKHIYE,
ACCHE DOSTO K TO RASTE BHI INTAJAR KARTE HE.