गुरुवार, 10 दिसंबर 2015

चेहरे की हंसी से ग़म को भुला दो, कम बोलो पर सब कुछ बता दो.
 खुद ना रुठों पर सब को हँसा दो, यही राज है ज़िंदगी का, कि जियो और जीना सिखा दो,

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